Friday, May 24, 2019

人们是否已经揭开了意识之谜?

我们已经知道,龙虾和人类一样具有伤害感知系统。人类有这种特殊的“传感器”,因此在受伤时会畏惧退缩、或哭泣。人们观察龙虾后,发现这种动物也能够感觉不适。比如,一旦被厨师扔进了滚水中,龙虾就会蜷缩尾巴,好似痛苦不已。

然而,这当真是它们“感觉”到了吗?或仅仅只是条件反射呢?

人类一个简单的动作,背后是大脑中一系列复杂的意识经验。我们不能假设其他动物也会有这样的意识——尤其是大脑结构和人类大不相同的动物。但也不无可能,有些科学家甚至认为,连龙虾这种和没有任何内部经验的物种,也许都能产生意识。

威斯康辛麦迪逊大学(University of Wisconsin-Madison)的神经科学家托诺尼(Giulio Tononi)说:“比如说狗,行为方式更接近人类,身体结构也与人类更加相像。狗与人类的大脑结构也差得不远,因此犬类也有内部经验,它们看东西、听声音的方式和人类是一样的,也就合乎情理。但要说龙虾也能这样,就很难让人信服。”

意识研究的众多难题之中,就有这么一项:大脑构造如果和人类的大不一样,是否还能够产生意识?其它的难题还包括,人类大脑中的意识是从什么时候开始产生的?为什么会产生这样的意识?有朝一日,人工智能是否能实现这样的感知?

托诺尼或许能解开这些谜题。他提出的“整合信息理论”是近几年来最激动人心的意识理论之一。虽然该理论目前尚未被证实,但是其中一些假说,是能够用实验验证的。我们很快就能知道该理论是否正确。

托诺尼表示,早在青少年时代,他便“以青少年的专注”专攻伦理和哲学。他说:“那时我意识到,弄清楚什么是意识、知道意识是怎样形成的,是我们了解宇宙中人类的地位、知道如何对待自身生命的关键。”

那时,他还不知道该选择什么样的道路来追寻这些问题的答案,是该选择数学吗?还是哲学?最终,他选择的是医学。临床经验的积累使他迅速成熟起来。他说:“获得第一手的神经学和精神病学案例,是一种很特殊的体验。我必须要直面失智或半失智的病人,看看他们那时候的状态。如果不是亲眼所见,是很难想象出来的。”

过去,托诺尼发表的研究成果中,广为认可的反而是在睡眠领域,内容更具开创性,这一领域内的争议也更小。他说:“当时,人们几乎不讨论意识。”即便如此,他也没放弃对意识问题的思考,终于在2004年,托诺尼发表了意识理论的第一篇文章。后续不断扩展和完善了这一理论。

文章开头是一组广为认可的公理,给意识下了定义。托诺尼提出,意识经验是需要精心安排的。打个比方,一个人环顾四周,会对周围物体之间的相对坐标有所了解。意识经验也是一个具体的概念,个体之间也“有所区别”。根据状况的不同,会有不同的意识经验产生。也就是说,意识经验有许许多多种。除此之外,意识经验具有集成性。当人们看到桌子上的一本红书时,虽然刚开始,我们会将其外形、颜色、所在位置分开处理,但是在同一个经验中,这几项属性最后也会被集成、整合到一起。大脑也会通过其他的感官整理信息,就像伍尔芙(Virginia Woolf)所言“[这些印象]像无数原子一样,从四面八方纷至沓来”,而大脑会将之整合到同一个时间和地点之中。

根据这些公理,托诺尼提出,我们能够从“信息整合”的水平上识别出一个人(或动物、人工智能)的意识,意识很可能就藏在大脑(或电脑的CPU)里。他的理论认为,单一经验中所需要感官共享和处理的信息越多,意识的水平就相对越高。

要理解托诺尼理论的实际意义,我们可以把大脑的视觉系统类比成数码相机。相机能够以像素为单位,捕获照射到图像传感器上的光——捕获的总信息量显然是巨大的。而像素之间不能够互相“交流”、也不能共享信息:每一个像素负责独立记录场景中某一小部分的信息。如果相机没有集成功能,那么就无法获得完整的照片。

和相机一样,人类视网膜上有许多传感器,能够单独捕获场景中的某一微小元素。随后,大脑中的其他部分会收到这一共享信息,并且开始处理。大脑中,有的部分是负责处理色彩的,能够从原始数据中提取出光照水平。如此一来,在不同光源之下,我们就都能辨别各种颜色。还有的部分会检查物体形状,或许还能够推测出画面中被遮挡的部分——假设有一本书,前面被咖啡杯所遮挡,大脑还是能推断出书的整体形状。随后,大脑的这两部分会将处理后的信息进行整合,再进一步传递到大脑的其他部分,以便与其他信息整合。最后就成了我们的意识体验。

记忆的形成也是这样。和相机里存储的照片不同,记忆中的意识体验是相互联系的。不同意识体验之间的组合和关联,形成了各种有意义的故事。人们做了一件事情,就会将其和先前的经历联系在一起。这也就是为什么吃一个玛德琳蛋糕可能会勾起我们的童年回忆,因为意识体验是相互联系的。

2015年发表的一项研究,对异丙酚麻醉和氙气麻醉后的人类大脑进行了检查。为了验证大脑的信息整合功能,研究小组在参与者的头皮上方设置了一个磁场,以刺激大脑皮层的特定区域。这种无创技术叫做经颅磁刺激技术(Transcranial Magnetic Stimulation, TMS)。测试者意识清醒时,他们大脑的不同区域都会对TMS做出响应,产生一系列复杂的波动。托诺尼认为,这就是不同神经元之间进行信息集合的标志。

在进行异丙酚和氙气麻醉后,测试者的大脑则不会对TMS产生任何反应——相比意识清醒时,此时的脑波形式更加简单。这两者能够改变大脑的神经递质水平,“破坏”大脑的信息整合功能——这一结果,恰好与实验参与者的完全昏迷相对应。彼时,他们的内在经验是完全空白的。

药物致幻
为了进一步对比,还设置了一个实验组,是使用了氯胺酮麻醉的。人们在使用这种药物后不会对外界做出任何反应——因此它也是麻醉剂的一种。与异丙酚、氙气麻醉后完全空白的内在经验相反,许多患者表示,氯胺酮麻醉后会做很多不切实际的梦。托诺尼的团队也发现,这一组实验人员的大脑对于TMS的反应相比先前的麻醉组更加复杂,这就说明他们的意识状态发生了改变。虽然,氯胺酮也能切断个体和外界之间的关联,但个体的意识并没有归于空白,还徜徉在各种幻想出来的梦境之间。

Friday, May 10, 2019

लोकसभा चुनाव 2019: जगजीवन राम और मीरा कुमार 46 साल सांसद रहे पर सासाराम को क्या मिला

दोनों बाप-बेटी कुल मिलाकर यहां से 46 साल सांसद रहे. किसी भी लोकसभा क्षेत्र के लिए 46 साल का वक़्त कोई छोटा नहीं होता.

लेकिन सासाराम को देखने के बाद ऐसा नहीं लगता है कि यहां से उस जगजीवन बाबू को लोगों ने आठ बार सांसद चुना जिनकी ताक़त नेहरू, इंदिरा से लेकर मोरारजी देसाई तक की कैबिनेट में प्रभावशाली रही है.

सासाराम लोकसभा क्षेत्र में मोहनिया के 50 साल के रामप्रवेश राम एक होटल में काम करते हैं. उनका गांव मोहनिया शहर से पाँच किलोमीटर दूर है. जगजीवन राम और मीरा कुमार से सासाराम लोकसभा क्षेत्र को क्या मिला?

इस सवाल के जवाब में रामप्रवेश कहते हैं, ''मीरा कुमार मेरी ही जाति की हैं. इसलिए उन्हीं को वोट करेंगे.'' वो कोई ठोस काम नहीं बता पाते हैं.

सासाराम का महत्व शेरशाह सूरी के कारण भी ख़ास है. शेरशाह सूरी सोलहवीं सदी में इस इलाक़े के जागीरदार थे और इन्होंने मुग़ल शासन को भी अपने नियंत्रण में लिया था.

शेरशाह सूरी (ग्रैंड ट्रक) जीटी रोड के निर्माण को लेकर भी जाने जाते हैं. शेरशाह सूरी का मकबरा सासाराम शहर के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है लेकिन इसकी उपेक्षा से अंदाज़ा लगाया जा सकता है राजनीति और यहां के सांसदों एजेंडे से यह बाहर है.

मकबरा चारों तरफ़ से एक जलाशय के घिरा है लेकिन पानी से इतनी बदबू आती है कि मानो मकबरा नाले से घिरा हो. मकबरे के भीतर भी साफ़-सफ़ाई नहीं है.

मकबरे की रखवाली में लगे गार्ड कहते हैं कि रात में मच्छर दौड़ा देते हैं. बिहार कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ के महासचिव प्रकाश कुमार सिंह सासाराम के ही रहने वाले हैं. उनसे इस मकबरे की उपेक्षा के बारे में पूछा तो उन्होंने स्वीकार किया यह उनकी पार्टी की नाकामी है.

जगजीवन राम और मीरा कुमार ने सासाराम के लिए क्या किया? इस सवाल के जवाब में प्रकाश सिंह कहते हैं, ''सोन नदी पर इंद्रपुरी डैम सबसे बड़ा काम है. इस डैम के कारण ही रोहतास और कैमूर में सिंचाई की सबसे बड़ी समस्या का समाधान मिला और भोजपुरी के कृषि प्रधान समाज में ख़ुशहाली आई. अगर यह बांध नहीं बनता तो खेती-किसानी चौपट हो जाती. इसके अलावा कैमूर में मीरा कुमार ने दुर्गावती जलाशय परियोजना को ज़मीन पर लाया. इन दोनों परियोजनाओं के कारण खेती-किसानी काफ़ी समृद्ध हुई.''

जगजीवन बाबू जब कृषि मंत्री थे तब इंद्रपुरी डैम का निर्माण किया गया था. इस डैम के कारण सोन नदी से कई नहरें निकली हैं. इंद्रपुरी डैम से सासाराम, डेहरी, रोहतास और औरंगाबाद के इलाक़ों में नहर का जाल सा फैल गया और सिंचाई के लिए यह वरदान साबित हुआ. इसी तरह से दुर्गावती जलाशय परियोजना से कैमूर की खेती-किसानी में सिंचाई की समस्या ख़त्म हुई.

सासाराम के लोगों की शिकायत यूनिवर्सिटी और एक बढ़िया अस्पताल को लेकर है. ज़्यादातर लोगों का कहना है कि बाबूजी (जगजीवन राम) और बहन जी (मीरा कुमार) के होते हुए भी सासाराम में एक यूनिवर्सिटी नहीं बन पाई और न ही ढंग का अस्पताल. सासाराम के लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर बनारस जाते हैं और पढ़ाई-लिखाई के मामले में भी बनारस का ही रुख़ करना पड़ता है.

एक तो यहां के लोगों के लिए बनारस लाइफ़ लाइन की तरह है तो दूसरी तरफ़ मीरा कुमार के चुनाव प्रचार में लगे लोग बनारस को अपने लिए ख़तरा मानते हैं. मीरा कुमार के एक कैंपेनर ने कहा, ''बनारस और सासाराम की दूरी काफ़ी कम है. बनारस से प्रधानमंत्री मोदी चुनावी मैदान में हैं. ज़ाहिर है इसका असर सासाराम में भी है.''

Tuesday, April 23, 2019

गृहमंत्री राजनाथ सिंह बोले- सेना का गुणगान राष्ट्रीय गौरव

चुनाव में मोदी, अमित शाह के बाद किसी नेता की मांग है तो वे हैं राजनाथ सिंह। मध्यप्रदेश के चुनावी दौरे से लौटते हुए भास्कर के डिप्टी एडिटर संतोष कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से बातचीत की...

सवाल : मैनिफेस्टो में इस बार रोजगार का चैप्टर नहीं था। ऐसा क्यों?
जवाब : मैंने रोजगार के बारे में खुलकर बताया। हम जितने काम कर रहे हैं, सबमें रोजगार सृजित हो रहे हैं। 


सवाल : सपा-बसपा गठबंधन को भाजपा हल्के में क्यों ले रही है?
जवाब : गठबंधन विश्वसनीय नहीं हो पाया है। हम किसी को हल्के में नहीं लेते, लेकिन वे अब हल्के हो गए हैं।


सवाल : ऐसा है तो भाजपा मजबूत सीटों पर रवि किशन, निरहुआ और प्रज्ञा ठाकुर जैसे आयातित उम्मीदवार क्यों उतार रही है?
जवाब : जहां पार्टी को लगता है कि सही उम्मीदवार नहीं है, वहां इस तरह से उम्मीदवार उतारे जाते हैं।


सवाल : प्रज्ञा मेडिकल आधार पर जमानत पर हैं, फिर भी टिकट दिया, ऐसी क्या मजबूरी थी?
जवाब : उनको सजा नहीं हुई है। चुनाव तो लड़ ही सकती हैं।


सवाल : मोदी ने कहा कि भगवा आतंक शब्द कांग्रेस ने गढ़ा, लेकिन गृह सचिव रहते हुए आरके सिंह ने इस शब्द को सरकारी दस्तावेज में उतारा। वे आपकी सरकार में ही मंत्री हैं।
जवाब : उस समय वे सचिव थे और जो सरकार थी, उसके कहने पर सचिव काम करते हैं। भगवा आतंकवाद शब्द कांग्रेस ने ही गढ़ा है।


सवाल : क्या पुलवामा हमला इंटेलीजेंस फेल्योर था?
जवाब : कहीं कमी रही होगी। रिपोर्ट आने तक दोष देना ठीक नहीं। रिपोर्ट आ जाए तो कुछ कहा जा सकता है।


सवाल : हर रैली में सेना, पाक, स्ट्राइक का जिक्र। क्या यही रणनीति है?
जवाब : सेना की प्रशंसा अपराध नहीं, राष्ट्रीय गौरव का विषय है। सेना के नाम पर वोट नहीं मांग रहे, बल्कि प्रशंसा कर रहे हैं।


सवाल : अलगावादियों पर पुलवामा से पहले कार्रवाई नहीं की, अब तेज कर दी। ऐसा क्यों?
जवाब : पहले बातचीत की पूरी आजादी दी। उनकी ओर से पहल नहीं हुई। अब विकल्प नहीं था।

सवाल : गृह मंत्रालय के आंकड़े हैं कि 5 साल में आतंकी वारदातें बढ़ी हैं..
जवाब : (टोकते हुए) 5 साल में नहीं, पिछले कुछ महीने के हैं, लेकिन आतंकी मारे जाने की संख्या भी बढ़ी है।


सवाल : पीएम मोदी के बाद उत्तराधिकारी कौन? आप, गडकरी या शाह?
जवाब : नहीं..नहीं..कोई उत्तराधिकारी नहीं। हमारे पीएम मोदी जी बूढ़े कहां हुए हैं। वही प्रधानमंत्री रहेंगे।


सवाल : बतौर अध्यक्ष अमित शाह का टर्म पूरा हो चुका है। आप फिर से अध्यक्ष बनने के इच्छुक हैं?
जवाब : अगर होगा तो देखेंगे क्या करना है। पार्टी जो मिल-बैठकर तय करेगी, वह करेंगे।

Wednesday, April 10, 2019

इसराइल चुनाव के बारे में जानें पांच बातें

इसराइल में मंगलवार को आम चुनाव हो रहे हैं. पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि बिन्यामिन नेतन्याहू को विपक्ष से कड़ी चुनौती मिल रही है.

दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी के नेता, प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू पांचवें कार्यकाल के लिए इस चुनावी दौड़ में हैं.

इसराइल के आम चुनाव और इस बार के प्रतिद्वंद्वियों के बारे में आईए जानते हैं पांच बातें.

1-ऐतिहासिक रूप से कड़ी लड़ाई
बिन्यामिन नेतन्याहू अगर जीतते हैं तो वो इसराइल के संस्थापक डेविड बेन गूरिओन के सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने के रिकॉर्ड को पार कर जाएंगे.

हालांकि वो भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं और उन्हें इतने सालों में पहली बार पूर्व सैन्य प्रमुख बेन्नी गैंट्ज़ से कड़ी चुनौती मिल रही है.

मध्यमार्गी ब्लू एंड व्हाइट अलायंस के प्रमुख गंट्ज़ सुरक्षा और राजनीति को साफ़ सुथरा करने के बुनियादी मुद्दों पर नेतन्याहू को चुनौती दे रहे हैं.

दो अन्य पूर्व सैन्य प्रमुखों और टीवी एंकर से राजनीतिज्ञ बने येर लैपिड के साथ मिलकर उन्होंने ये पार्टी बनाई, जिसका शुरू के ओपिनियन पोल में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी से अच्छा प्रदर्शन रहा.

59 साल के लेफ़्टिनेंट जनरल गंट्ज़ राजनीति में नए हैं और उन्होंने देश को एकता के सूत्र में बांधने का वादा किया है.

120 सदस्यों वाली इसराइल की संसद में अभी तक कोई भी पार्टी बहुमत हासिल नहीं कर पाई है और देश में हमेशा गठबंधन सरकारें बनीं हैं.

इसका कारण है देश में अनुपातिक प्रतिनिधित्व पार्टी सिस्टम का होना.

इसका मतलब है कि सबसे अधिक वोट पाने वाली पार्टी का नेता प्रधानमंत्री नहीं भी बन सकता है, बल्कि जो 120 सीटों में से 61 सीटें हासिल करेगा वो प्रधानमंत्री बनेगा.

चुनाव पूर्व सर्वे बताते हैं कि दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के बीच कड़ी लड़ाई है और दोनों के 30-30 सीटें जीतने की संभावना है.

इसराइल के अनुपातिक प्रतिनिधित्व पार्टी सिस्टम में नेतन्याहू का पलड़ा भारी रहता है, जो इस बार भी गठबंधन सरकार बना लेने की उम्मीद लगाए हुए हैं.

प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने चुनावों से पहले कई कट्टरपंथी विचारधारा वाली पार्टियों से गठबंधन किए हैं.

फरवरी में उन्होंने एक अति चरमपंथी दक्षिणपंथी पार्टी से भी हाथ मिलाया, जिसके बारे में लोग मानते हैं कि वो नस्लवादी है.

1990 के दशक में फ़लस्तीनियों से शांति समझौता करने वाली इसराइल की लेबर पार्टी पर हाल के सालों में मतदाताओं का भरोसा कम हुआ है.

गज़ा में हाल के दिनों में इसराइली सुरक्षाबलों और फ़लस्तीनी लड़ाकों के बीच तनाव बढ़ा है.

ऐसा माना जा रहा है कि चुनाव के तुरंत बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप लंबे समय से चले आ रहे विवाद को हल करने की अपनी योजना की घोषणा करेंगे.

हालांकि इस चुनाव में शांति प्रक्रिया कोई प्रमुख मुद्दा नहीं है.

नेतन्याहू अपनी चुनावी रैलियों में ऐसे संकेत दे रहे हैं कि अगर नई सरकार बनी तो वो कब्ज़ा किए गए पश्चिमी बैंक के यहूदी रिहाईश को इसराइल में मिला लेगी.

अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार ये बस्ती गैरकानूनी है जबकि इसराइल इस बात से इनकार करता है.

देश में कुल मतदाताओं की संख्या 63 लाख है. चुनावों में सामाजिक, धार्मिक और जनजातियों के अलग अलग समूह प्रमुख भूमिका होती है.

कुल आबादी में इसराइली अरबों की संख्या 20 प्रतिशत है, लेकिन सर्वे बताता है कि इनमें आधे ही मतदान करने के योग्य हैं.

2015 में अरबों में मतदान का प्रतिशत बढ़ा था क्योंकि चार पार्टियों ने ज्वाइंट अरब लिस्ट के बैनर तले मैदान में थीं, उस समय इन्हें 13 सीटें मिली थीं.

धार्मिक हारेडी आबादी की संख्या 10 लाख है. परम्परागत रूप से ये यूरोपीय मूल के ऑर्थोडॉक्स यहूदी हैं और मतदान के लिए अपने रबी से सलाह लेते हैं.

अति राष्ट्रवादी जेहुत पार्टी के नेता मोशे फ़ीग्लिन गठबंधन की सूरत में किंगमेकर के रूप में उभर सकते हैं.

चुनाव पूर्व सर्वे के अनुसार, इस पार्टी को चार सीटें मिल सकती हैं. हालांकि मोशे नेतन्याहू और बेन्नी गंट्ज़ से समान दूरी रखने की बात करते हैं.

लेकिन फ़लस्तीन मसले पर उनका रुख कड़ा रहा है, वो मानते हैं कि पश्चिमी तट और गज़ा के कब्ज़े वाले हिस्से से फ़लस्तीनियों को चले जाना चाहिए.

मोशे तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने गांजे को कानूनी बनाने का आह्वान किया था.

इन चुनावों में सुरक्षा का मुद्दा अहम है और ऐसा लगता है कि पूर्व सैन्य प्रमुख गंट्ज़ इस मामले में नेतन्याहू को कड़ी टक्कर दे सकते हैं.

जबकि नेतन्याहू के दक्षिणपंथी गठबंधन के प्रमुख सदस्य पश्चिमी तट में कब्ज़ा किए गए अधिकांश यहूदी बस्तियों को अलग कर इसराइल में मिला लेने का वादा कर रहे हैं और फ़लस्तीन राज्य के बनने का विरोध कर रहे हैं.

बेन्नी गंट्ज़ के प्रचार अभियान में फ़लस्तीन से 'अलग करने' का संदेश तो है लेकिन फ़लस्तीन के बारे में कोई स्पष्ट बात नहीं कही गई है.

गंट्ज़ का प्रचार अभियान एकीकृत येरूशलम को इसराइल की राजधानी बताता है जबकि फ़लस्तीन शहर के पूर्वी हिस्से को अपनी भविष्य की राजधानी होने का दावा करते हैं.

Tuesday, April 2, 2019

पहली खो-खो लीग अक्टूबर से, 8 टीमें उतरेंगी; पांच साल पहले देश में केवल दो लीग थीं, अब 17 हैं

नई दिल्ली. खो-खो को एशियाड में शामिल किए जाने के बाद अब पहली बार देश में इसकी लीग भी आयोजित की जाएगी। 2008 में आईपीएल की शुरुआत के बाद अलग-अलग खेलों की लीग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पांच साल पहले जहां देश में केवल दो लीग होती थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 17 हो गई है। 

नए खिलाड़यों के लिए होगी अलग श्रेणी
खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी एमएस त्यागी ने बताया, 'अक्टूबर-नवंबर में होने वाली लीग में 8 टीमें शामिल होंगी। इसमें देशी और विदेशी खिलाड़ी उतरेंगे। इसमें शामिल होने वाले लोकल खिलाड़ियों को तीन ग्रेड- ए, बी और सी में बांटा जाएगा। नए खिलाड़ियों की श्रेणी अलग से होगी। पिछले तीन साल के सीनियर और जूनियर नेशनल के प्रदर्शन को देखा जाएगा।

त्यागी के मुताबिक, आने वाले समय में लीग के मुकाबले स्टेट और डिस्ट्रिक्ट लेवल पर भी कराए जाने की योजना है। लीग के मुकाबले दिल्ली, महाराष्ट्र में होेंगे। इसके अलावा फ्रेंचाइजी टीमों के आधार पर भी अन्य वेन्यू तय होंगे। अक्टूबर-नवंबर में मुकाबले खेले जाएंगे।

हर टीम में 12 खिलाड़ी, 10 फीसदी विदेशी रहेंगे
खो-खो की टीम में 12 खिलाड़ी होते हैं। 9 को खेलने का मौका मिलता हैं। लीग के लिए खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया ने डाबर से करार किया गया है। लीग में उतर रही टीमों के नाम की घोषणा नहीं की गई है। लीग में भारत के अलावा अन्य 8 से 10 देशों के खिलाड़ी उतर सकते हैं। हर टीम में 10 फीसदी विदेशी खिलाड़ियों को शामिल किया जाना अनिवार्य होगा।

नॉटिंघम. लंदन की टेम्स नदी में हेड ऑफ द रिवर रेस हुई। 1926 से हो रही इस रोइंग रेस में पहली बार महिला रोअर्स ने भी हिस्सा लिया। इस बार 321 टीमों  में 25 टीम महिला रोअर की थीं। 6.8 किमी की रेस की पुरुष कैटेगरी में ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स ए ने 17 मिनट 11.8 सेकंड का समय लिया। ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स की टीम लगातार दूसरी बार जीती। उसने 4 सेकंड के अंतर से लिएंडर क्लब को हराया। वहीं, महिला कैटेगरी में टाइडवे स्कलर्स की टीम जीती। उसने 20 मिनट 6 सेकंड में रेस पूरी की। टाइडवे स्कलर्स ने ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स की महिला टीम को 5 सेकंड से हराया। ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स ने 20 मिनट 11 सेकंड का समय लिया।

पूर्व क्रिकेटर और फुटबॉलर स्टीव ने दिया था आइडिया
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर और फुटबॉलर रहे स्टीव फेयरबेर्न ने स्टेमिना बढ़ाने के लिए रोइंग को सबसे अच्छा खेल बताया था। वे रोइंग की ट्रेनिंग भी देते थे। वे कहते थे कि- माइलेज मेक्स चैंपियंस। उन्होंने कुछ समय बाद टेम्स रोइंग क्लब को रोइंग का टूर्नामेंट शुरू करने का आइडिया दिया था। इसके बाद 12 दिसंबर 1926 को पहली रेस हुई थी। तब उसमें 23 टीमों ने हिस्सा लिया था। यह रेस का 86वां सीजन था।

Tuesday, March 26, 2019

习近平访问法国:中欧关系由“蜜月期”转向“竞合期”

中国国家主席习近平周日晚 (3月24日)抵达法国,未来两天将与法国总统马克龙和其他欧洲领导人会谈。马克龙试图建立一个团结的欧盟以应对中国在欧洲以及全球的影响力。

习近平访法的目的之一是纪念中法从戴高乐时代延续至今的双边关系。外界预期法中两国将签署一连串合作协议,涵盖核能发电、航太和洁净能源倡议。

本周二,德国总理默克尔和欧盟委员会主席容克将会加入会谈,共同探讨彼此的“共通点”,为4月举行的中欧峰会做准备。

中国和欧洲几个大国密切交往背后,揭示出中欧关系在2019年开始显露的新变化。

意大利拥抱“一带一路”:地中海港口或成中国枢纽
骏马对熊猫——且看法国总统如何“马克龙”
竞争与合作的矛盾
习近平访问法国,对马克龙而言是一项颇为矛盾的挑战——一方面,马克龙希望加深欧盟与中国的关系;另一方面,他也提出要抵御中国日益增长的全球影响力。

习近平上周到访意大利期间,意大利决定加入中国的“一带一路”倡议的消息就已在欧洲掀起轩然大波。

与此同时,欧盟公布的《欧盟-中国:策略性展望》报告中,将中国视为“系统性对手”。随后, 欧盟执委会公布了一项10点计划,旨在与中国建立更加平衡的经济关系,遏制中国国有企业,以及应对中国投资关键资产造成的安全风险等问题。

然而,不同于中国的另一个对手美国,与中国加深合作也同样是欧盟坚持的立场。

美国总统特朗普在“美国第一”的政策下,不断退出全球事务。法国因此希望与中国发展出更密切的合作关系。

比如,鉴于中国在非洲的巨大影响力,法国在西非开展打击伊斯兰极端主义分子的行动,马克龙可能会寻求中国的支持。此外,在气候问题上,欧盟也需要中国的合作。

此外,美国不断向盟友施压要求禁止中国公司华为的5G技术。但路透社援引四名知情人士称,欧盟执委会单一数码市场事务执委安西普将提交一份建议,将无视美国禁止华为技术有限公司的呼吁,不过也敦促欧盟国家分享更多数据,以应对与5G网络相关的网络安全风险。虽然该指导没有法律效力,但它将具有政治影响力,对于中国和华为而言无疑是一个重大利好。

相互矛盾的对华举措预示着怎样的中欧关系?对此,欧洲人自己的总结可能更为贴切。

路透社报道,上周五,欧盟领导人在布鲁塞尔的会议上表示,中国是欧盟的竞争对手,同时也是合作伙伴,但他们一致认为,欧中关系向有利于中国的方向倾斜。欧盟执委会主席容克在新闻发布会上表示,欧盟与中国的关系很好,但不是非常好,而且由于中国市场对欧洲产品的开放程度不够充分,存在不公平竞争

Wednesday, March 20, 2019

फाउंडर ब्रायन बोले- पहचान खो चुका है WhatsApp, मैसेंजर के साथ मर्जर मुश्किल

दुनिया का सबसे ज्यादा यूज किया जाने वाला इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsAapp है. इसे ब्रायन ऐक्टन और जेन ने मिल कर बनाया था. हमने को- फाउंडर ब्रायन ऐक्टन से बातचीत की है. फिलहाल ऐक्टन सिग्नल फाउंडेशन के चेयरमैन और सीईओ हैं.

आज तक टेक से उन्होंने कहा है कि अब WhatsApp वैसा नहीं है जैसा उन्होंने बनाया था. 

ब्रायन ऐक्टन और जेन ने WhatsApp को फेसबुक के हाथों 2014 में बेच दिया. फेसबुक ने इसका अधिग्रहण 14 फरवरी 2014 में किया और इसके लिए कंपनी ने 19 बिलियन डॉलर खर्च किए. ये दोनों फाउंडर्स भी फेसबुक का हिस्सा बन गए और वॉट्सऐप हेड करते रहे. हालांकि 2017 में ब्रायन ने WhatsApp छोड़ दिया.

फिलहाल ब्रायन सिग्नल फाउंडेशन के चेयरमैन और सीईओ हैं जिसकी शुरुआत उन्होंने 2018 में की थी. इससे पहले ब्रायन याहू और ऐपल में भी काम कर चुके हैं. सिग्नल फाउंडेशन डेटा सिक्योरिटी पर काम करता है.

ब्रायन ऐक्टन ने आज तक टेक से बातचीत में कहा है, ‘मुझे लगता है WhatsApp ने अपनी पहचान खो दी है, क्योंकि अब WhatsApp के दोनों फाउंडर्स कंपनी छोड़ चुके हैं.’

फेसबुक के हाथों वॉट्सऐप बेचने के सवाल पर ब्रायन कई बार पब्लिक में बोल चुके हैं और उन्होंने ये भी कहा है कि तब थोड़ी एक्सपीरिएंस की कमी थी. ब्रायन फेसबुक की पॉलिसी के खिलाफ हैं और हाल ही में लगातार लोगों से फेसबुक डिलीट करने को कहते हैं. उन्हें वॉट्सऐप का नया मॉडल पसंद नहीं और उनका मानना है कि विज्ञापन और डेटा शेयर करके फेसबुक ने वॉट्सऐप को खोखला कर दिया है.

हाल ही में मार्क जकरबर्ग ने ऐलान किया है कि वॉट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम को मर्ज करके क्रॉस प्लेटफॉर्म मैसेजिंग का फीचर दिया जाएगा. हमने ब्रायन से इस बारे में भी पूछा तो उनका कहना है कि इसका सफल होना काफी मुश्किल है.

ब्रायन ऐक्टन आज तक टेक से कहा है, ‘अब फेसबुक प्रोडक्ट एक्सपीरिएंस को मर्ज (मिलाने) की कोशिश कर रही है. यह काफी मुश्किल काम है और इसका सफल होना भी आसान नहीं है’

ब्रायन पहले से ही वॉट्सऐप को पेड बनाना चाहते थे, ताकि यूजर्स के डेटा के साथ समझौता न करना पड़े. लेकिन फेसबुक की वजह से ऐसा नहीं हो पाया. फेसबुक और वॉट्सऐप के दोनों फाउंडर्स के बीच अनबन होती रही, क्योंकि फेसबुक ने अधिग्रहण के समय कहा था कि वॉट्सऐप को सेपरेट रखा जाएगा. लेकिन बाद में वॉट्सऐप के फाउंडर्स को लगा कि फेसबुक वॉट्सऐप के काम काज में इंटरफेयर कर रहा है.

गौरतलब है कि ब्रायन ऐक्टन और जेन कुम Yahoo में काम करते थे. उन्होंने 2007 में याहू छोड़ दिया और कुछ समय के लिए काम से ब्रेक लिया. कुछ समय बाद इन दोनों ने फेसबुक में जॉब के लिए आवेदन किया, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया. 2009 में इन दोनों ने मिल कर वॉट्सऐप बनाया और 2014 में फेसबुक ने ही वॉट्सऐप को 19 बिलियन डॉलर (लगभग 13 खरब रुपये) में खरीद लिया.

2019年全国报告法定传染病超1024万例 死亡2.5万余人

  中新网4月20日电 国家卫健委网站20日发布 4月中旬, 色情性&肛交集合 全球多个疫苗团队 色情性&肛交集合 宣布取得进展的同时, 色情性&肛交集合 中国宣布第一波疫情已经得到控制, 色情性&肛交集合 中国在全球的新冠研究 色情性&肛交集合 的临床试验立项占比从 色情性&...